कोणार्क नाटक (समीक्षा )
कोणार्क नाटक जगदीश चंद्र माथुर द्वारा रचित नाटक है यह नाटक उनके प्रसिद्ध कृतियों में से एक है यह नाटक उड़ीसा में स्थित कोणार्क मंदिर के निर्माण पर आधारित नाटक है की किस प्रकार इस मंदिर के निर्माण में १२ वर्ष लग गए थे और किस प्रकार १२०० शिल्पियों ने मिलकर इस महान मंदिर का निर्माण किया था और उनको किन किन समस्यां का सामना करना पड़ा। यह नाटक एक सफल नाटक के रूप में उभरकर हमारे सामने आता है इस नाटक की मदद से ही नाटककार मुखय उद्देश्य हमारे सामने लाने में सफल प्रतीत होता है इस नाटक में हमे रोचकता , स्वाभाविकता देखने को मिलती है जो पाठक वर्ग के में इस नाटक को देखने की जिज्ञासा उत्पन करता है १. कथावस्तु : कोणार्क नाटक एक ऐतिहासिक नाटक है जो हमे उड़ीसा में स्थापित कोणार्क मंदिर के निर्माण के बारे में बताते है की किस प्रकार उस समय जो शिल्पी थे और जो मुख्य शिल्पी थे उन्हें कोणार्क मंदिर के शिखर पर गुम्बद स्थापित करने में कितनी मुश्किल आ रही थी और साथ ही साथ उसमे में यह भी दिखाया है उस समय राजा नरेश नरसिंघ देव का राज्य था और उनके मंत्री जो महामात्य चाल...