महिला सशक्तिकरण

भारत एक प्रसिद्ध देश है जो प्राचीन समय से ही अपनी सभ्यता , संस्कृति , धर्म, और भोगोलिक विशेषताएँ   के लिए जाना जाता है और दूसरी और यह अपने पुरुषवादी राष्ट्र के लिए भी जाना जाता है भारत में महिलायों को पहले प्राथमिकता दी जाती है लकिन समाज और परिवार में उनके साथ बुरा व्हवार किया जाता है महिलाये हमारे समाज में महत्पूर्ण भूमिका निभाती है इसलिए  उनका सशक्तिकरण करना बहुत ही महत्पूर्ण है


सशक्तिकरण से तात्पर्य है  किसी व्यक्ति से जोड़ी क्षमता  से है जिसमे उसमे यह योग्यता  आ जाती है की वह अपने जीवन से जोड़े हर फैसले ले सके महिलाये सशक्तिकरण से भी तात्पर्य इसी क्षमता  से है जिसमे वह अपने परिवार और समाज के सभी बन्धनों से मुक्त होकर अपने फैसले खुद ले  सके उनके उचित वृद्धि और विकास के लिए हर क्षेत्र  में सवतंत्र होने के उनके अधिकार को समझना महिलायों को अधिकार देना है 
जिससे महिलायों की  भागीदारी उल्लेखनीय रूप से हर क्षेत्र में  बढ़ जाये गी 

भारत में ऐसी बहुत सारी महिलाये है जिन्होंने अपना नाम रोशन किया है और साथ में ही देश का नाम रोशन किया है लकिन असल परिवर्तन तो आम लोगो  ( महिलायों ) के जीवन में आना चाहिए क्यों की उनकी सोच में परिवर्तन लाने से ही उनका विकास होगा . 


"समय है सोच में परिवर्तन लाने का, महिला सशक्तिकरण की और कदम बढ़ने का "

Comments

Popular posts from this blog

कोणार्क नाटक (समीक्षा )

लगान (फिल्म समीक्षा )

तारे जमीन पर (फिल्म समीक्षा )